Wednesday, May 8, 2019

रिश्तों का महत्व


रिश्ते की एक अनमोल धरा प्रेम हैं। कभी -कभी हम जिंदगी में इतने आगे बढ़ जाते हैं , की अपने में समाये अहम को नहीं जान पाते और हर रिश्ते से कटते चले जाते हैं ,हम रिश्तो को जब बोझ समझने लगते हैं ,पैसों को रिश्ते के साथ जोड़ने लगते हैं । ऐसे में व्यक्ति भूल जाते हैं ,की जिंदगी केवल पैसों से तो नहीं चलती ,कल अगर आप कितने भी सक्षम व्यक्ति के रूप में निखर जाये ,पर जब वो ख़ुशी को सुनने वाले कोई अपने न हो तो ख़ुशी का मतलब न के बराबर हो जाता हैं , अपनों के साथ ख़ुशी बाँटने का मजा ही अनोखा होता हैं , रिश्तों की डोर बहुत नाजुक होती हैं इसे हमेशा सहेज कर रखना चाहिए ।

अपने को बड़ा  समझने के अंहकार में व्यक्ति अकेले ही मंजिल पाने को निकल जाते हैं और अपनी मंजिल पा भी लेते हैं । पर जब उस मंजिल पर पहुंचने के बाद आपको जो ख़ुशी मिलेगी उसे बाँटने की जरूरत होगी और तब व्यक्ति को  अपने रिश्तों की अहमियत का पता  चलेगा ।की दुनिया में हर चीज जरुरी हैं , जहाँ कामयाबी जरुरी हैं वहीं अपनों का साथ भी उतना ही जरुरी हैं , ख़ुशी  में जब तक तारीफ कर के कोई पीठ न थपथपाये वह ख़ुशी अधूरी लगती हैं ।इन ख़ुशी के पलों को जीने के लिए अपने रिश्तों को प्यार की डोरी से हमेशा बंधे रखे ।

लक्ष्य

लक्ष्य क्या हैं ? क्या आप जानते हैं की लक्ष्य जीवन में सफल होने की पहली सीड़ी होती हैं , अगर हम किसी सफल व्यक्ति को देखते हैं और कहते हैं की काश उसकी पोस्ट पर हम होते ,यहाँ हम आपको यह कहना चाहते हैं की जिंदगी में काश कुछ नहीं हैं सभी चीजें सम्भव होती हैं बतौर किसी भी चीज तक पहुंचने में एक लक्ष्य का होना जरुरी होता हैं हम कई ऐसी महान हस्तियों को जानते हैं जो की चाय बेच कर , न्यूज पेपर बेच कर इतने चमक चुके हैं की कल तक जो न्यूज पेपर बेचता था आज उसकी न्यूज फ़्रंट पेज पर छपी होती हैं ।
ये कोई जादू नहीं हैं उनके पास भी दिन के वही २४ घंटे हैं  जो आपके पास हैं ,पर वह उनका सदुपयोग करते हैं और अपने लक्ष्य को पूरा करते हैं ,दोस्तों काम जभी पूरा होता हैं जब वह पूरी तरह से कम्प्लीट हो तब तक हर न माने सफलता आपको जरूर मिलेगी ।

माँ

बचपन में न समझे माँ  की पायरी ममता को 
समझे तो बचपन कहा बच पाया ,
घर पराये जाकर माँ का प्यार याद आया ,

फिर आई भाभी घरमें 
घर जो अपना कहते थे 
भाभी का कहलाया ,
माँ की ममता में तो फिर भी अंतर न आया 
पर भाभी के कड़वे वचनो से दिल भर आया 
जब समझे प्यार माँ का 
समय बदल चूका था